काली
देवी काली की आरती
देवी काली की यह आरती शक्ति, साहस और ज्ञान की प्रतीक है।
Hindi Lyrics (मूल पाठ)
मंगल की सेवा सुन मेरी देवा, हाथ जोड़ तेरे द्वार खड़े। पान सुपारी ध्वजा नारियल ले ज्वाला तेरी भेंट धरे॥ सुन जगदम्बे कर न विलम्बे, संतन के भण्डार भरे। सन्तन प्रतिपाली सदा खुशहाली, मैया जय काली कल्याण करे॥ बुद्धि विधाता तू जग माता, मेरा कारज सिद्ध करे। चरण कमल का लिया आसरा, शरण तुम्हारी आन पड़े॥ जब जब भीड़ पड़ी भक्तन पर, तब तब आय सहाय करे। सन्तन प्रतिपाली सदा खुशहाली, मैया जय काली कल्याण करे॥ गुरु के वार वारिक जीवे, पापहरणी तर जावे। कहे सेवक तेरा चरण छुए जो, मनवांछित फल पावे॥ सन्तन प्रतिपाली सदा खुशहाली, मैया जय काली कल्याण करे। मंगल की सेवा सुन मेरी देवा, हाथ जोड़ तेरे द्वार खड़े॥